रामायण,महाभारत,गीता हमें जीवन में क्या सीख देती है

Ramayana, Mahabharat, Gita hame life ma kya moral deti ha

भारतीय हिंदू धर्म में हम ग्रंथों वेदों को अपना मार्गदर्शक समझते हैं। मनुष्य के जीवन में उसको यह जाना भी जरूरी होता है कि वह अपना जीवन किस प्रकार आगे बढ़ाएं। संसार में मनुष्य को अपने जीवन में क्या निर्णय लेने चाहिए क्या नहीं निर्णय लेने चाहिए किस प्रकार अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए यह जानना जरूरी होता है। पुराने समय से चली आ रही नीति के अनुसार जो मनुष्य अपना जीवन श्रेष्ठ व्यतीत करना चाहता है।

उसे पुराने ग्रंथों के विचारों से ही अपने जीवन को आगे बढ़ाना होता है। आज हम आपको हिंदू धर्म के तीन प्रमुख ग्रंथ रामायण, महाभारत,भगवत गीता के आधार पर आपको बताएंगे कि मनुष्य को किस प्रकार अपना जीवित व्यतीत करना चाहिए। साथ ही इन तीनों ग्रंथों का हमारे जीवन में क्या महत्व है।

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सबसे पहले हम बात करते हैं रामायण की-रामायण से हमें यह सीख मिलती है कि हमें हमारे जीवन में क्या करना चाहिए। हमें कौन से फैसले लेने चाहिए। यह हम रामायण के माध्यम से सीख सकते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने रामायण में अपने जीवन में संघर्ष किये। उससे हमें यह सीख मिलती है कि अगर मनुष्य अपना जीवन सत्य, अहिंसा पर व्यतीत करता है और बड़ों की बातों का मान रख कर जीवन जीता है।

तो वह हमेशा ऊंचाइयों को छूता है। संघर्ष प्रत्येक मनुष्य को करना पड़ता है।इसलिए रामायण के अनुसार हमें अपने जीवन में सही फैसले करने चाहिए।

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2.दूसरे नंबर पर हम बात करेंगे महाभारत की महाभारत से हमें यह सीख मिलती है। हमें क्या नहीं करना चाहिए। महाभारत में दुर्योधन ने अनेकों गलत काम किए उसका परिणाम उसे महाभारत के विनाशकारी युद्ध में भुगतना पड़ा। महाभारत के युद्ध में कौरवों की ओर से भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान था।सूर्यपुत्र कर्ण, द्रोणाचार्य जैसे महान योद्धा थे परंतु उन्होंने धर्म का साथ नहीं दिया। इसलिए उन्हें मृत्यु को गले लगाना पड़ा। इसलिए मनुष्य को कभी भी अपने जीवन में नारी व धर्म का अपमान नहीं करना चाहिए।

3.तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ भगवत गीता को माना जाता है। इसमें भगवान श्री कृष्ण ने कौरव पांडव युद्ध के समय अर्जुन को दिए गए उपदेश हैं। उसमें भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को कहते हैं कि मनुष्य को कर्म करते रहना चाहिए। फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए। जीवन में सफलताएं और असफलताएं आती रहती है।

जो मनुष्य अपने कर्मों को पूरी निष्ठा के साथ करता है।उसे फल की प्राप्ति अवश्य होती है। साथ ही हमारे द्वारा लिए गए फैसले ही हमारे आने वाले भविष्य का परिणाम तय करते हैं। इसलिए अपने जीवन में सोच समझकर ही फैसले लेने चाहिए।

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